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मारवाड़ के सपूत के कर्मयोग |
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श्री प्रकाशमल छगनलालजी कानूंगो |
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राजस्थान मारवाड़ के सपूत श्री प्रकाशमल सी. कानूंगो का जन्म 2 जूलाई 1953 को श्री छगनलाल घमण्डीरामजी कानूंगो के यहां सांचोर में हुआ। आपने गांव में ही उच्च माध्यमिक तक की शिक्षा अर्जित कर मुम्बई में अपना व्यवसाय प्रारम्भ किया। पिछले 30 वर्षो से आपने अपनी कार्य कुशलता, कड़ी मेहनत, पक्का इरादा एवं दूरदृष्टि के आधार पर अपने व्यवसाय में उत्तरोतर वृद्धि कर मुम्बई मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाई है। |
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आप अपने कार्यो के प्रति सजग एवं निष्ठावान व्यक्तित्व के धनी है। समाज सेवा के कार्यो में आपकी विशेष रूचि है। आपके द्वारा विविध धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सेवा कार्यो में सहयोग किया जाता रहा है। शिक्षा जगत में उत्कृष्ट सेवा कार्यो के फलस्वरूप 1996 में राजस्थान सरकार द्वारा आपको भामाशाह एवार्ड से नवाजा गया है। |
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आप सच्ची मानव सेवा एवं शिक्षा के उत्थान के पक्षधर है। आप श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, मुम्बई के संस्थापक अध्क्षय है एवं जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ सांचोर के अध्क्षय रह कर भी, आपने अनेक उत्कृष्ट सेवा कार्यो का सम्पादन किया है। आप जैन इंटरनेशनल ट्रेड अर्गेनाईजेशन के मुख्य संस्थापक चीफ पैटर्न एवं मुम्बई जोन के माननीय उपाध्यक्ष हैं। आप सुप्रसिद्व समाज सेवा संस्था मरिन लाइन जैसीस मुम्बई के सक्रिय पदाधिकारी है। आपने सेवाभावी व्यक्तित्व के कारण आपको जिनकुशलसुरी दादावाडी संस्थान शंखेश्वर (गुजरात) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष का दायित्व दिया गया है। आपने सांचोर में महावीर बाल निकेतन (उ.प्रा.) विद्यालय का भवन निर्मित करवाकर एवं हाडेचा रोड़ पर महावीर बाल निकेतन विद्यालय के मुख्य द्वार के लिए दान शिक्षा क्षेत्र में स्तुत्य योगदान दिया है। |
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भारत विकास परिषद् से आपका गहरा जुड़ाव है। आप एवं आपकी संस्था प्रकाश फाउंडेशन द्वारा अनुमानित बीच लाख की लागत से अपने पुत्र श्री विमल कानूंगो के विवाह के उपलक्ष में हाड़ेचा रोड़ स्थित अपने कृषि फार्म में से 2550 वर्ग फुट जमीन में विकलांग सहायता केन्द्र हेतु 1650 वर्ग फुट भवन निर्माण कर परिषद् को सुर्पद किया है, जो निशक्तजनों की सेवा का उत्कृष्ट एवं प्रेरणास्पद उदाहरण है। |
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इतना ही नहीं विकलांग सहायता केन्द्र के लिए तमाम मशीनरी तथा दो वर्षो तक का सम्पूर्ण व्यय का वहन कर सांचोर जैसे दूर-दराज क्षैत्र में विकलांगो की सहायता में आपका योगदान स्तुत्य है। |
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आप भारत विकास परिषद् चेरिटेबल ट्रस्ट सांचोर के अध्यक्ष का दायित्व निर्वहन करते हुए पीड़ीत मानवता की सेवा के प्रति समर्पित है। |
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भारत विकास परिषद् सांचोर आपके त्याग एवं सामाजिक सेवा भावना से अभिभूत होकर भाव विह्वल मन से कृतज्ञता प्रकट करते हुए आपके उज्जवल भविष्य की शुभकामना प्रकट करती है। |
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भविष्य में भी आपके सक्रिय सहयोग तथा मार्गदर्शन की अपेक्षा के साथ। |
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भारत विकास परिषद्, सांचोर |
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